चमोली
विश्व प्रसिद्ध लाटू देवता मंदिर वाण के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। दोपहर 2 बजे लाटू देवता के मुख्य पुजारी खेम सिंह नेगी के निर्देशन में धार्मिक रीति-रिवाजों एवं पारंपरिक अनुष्ठानों को संपन्न कराने के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। अब आगामी छह माह तक श्रद्धालु भगवान लाटू देवता के दर्शन कर सकेंगे।
लाटू धाम की सबसे अनोखी और रहस्यमयी परंपरा यह है कि मंदिर के कपाट खोलते समय पुजारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधते हैं। मान्यता है कि भगवान लाटू देवता की दिव्य शक्ति के प्रत्यक्ष दर्शन सामान्य मानव के लिए संभव नहीं हैं,

इसलिए यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। यही विशेषता इस धाम को देश-विदेश में अलग पहचान दिलाती है।
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित वाण गांव में मां नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग पर स्थापित यह मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान लाटू देवता को मां नंदा देवी का धर्म भाई माना जाता है।

मान्यता है कि नंदा राजजात यात्रा के दौरान भगवान लाटू देवता ही वाण से आगे दुर्गम हिमालयी मार्गों से मां नंदा देवी की यात्रा का नेतृत्व करते हुए कैलाश तक अगुवाई करते हैं।
कपाट उद्घाटन के अवसर पर उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायाधीश सुभाष उपाध्याय, क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी लाटू देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर वाण गांव में भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायकों, महिला मंगल दलों और स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकगीतों एवं देव गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। गांव पूरी तरह आस्था, संस्कृति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया।
