“कर्णप्रयाग में आपदा पीड़ितों का सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, आपदा पीड़ितों ने धामी सरकार की निकली शव यात्रा” —कर्णप्रयाग संगम पर किया दाह संस्कार , आपदा पीड़ित 4 साल से कर रहे पुनर्वास और मुआवजे का इंतजार, अब सड़कों पर फूटा गुस्सा…

चमोली
कर्णप्रयाग में बीते चार वर्षों से पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे बहुगुणा नगर और सुभाषनगर के आपदा प्रभावितों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। अपनी मांगों को लेकर धामी सरकार के खिलाफ बीते सात मई से धरना प्रदर्शन कर रहे आपदा प्रभावितों ने आज धामी सरकार की शव यात्रा निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने सरकार पर आपदा पीड़ितों की लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए कर्णप्रयाग संगम पर प्रदेश सरकार का दाह संस्कार भी किया। आपदा प्रभावितों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कर्णप्रयाग के आपदा पीड़ितो को कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया।

कर्णप्रयाग नगर पालिका के बहुगुणा नगर और सुभाषनगर के आपदा प्रभावित बीते चार वर्षों से भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगाने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो प्रभावितों ने सात मई से सरकार के खिलाफ शब्जी मंडी परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

धरने के सात दिन बीत जाने के बाद भी जब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनकी सुध नहीं ली, तो नाराज आपदा पीड़ितों ने आज विरोध का अनोखा और आक्रामक तरीका अपनाया। प्रभावितों ने धामी सरकार की अर्थी निकालकर कर्णप्रयाग बाजार में जमकर नारेबाजी की। बाजार से गुजरती सरकार की शव यात्रा को देखकर हर कोई हैरान रह गया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम स्थल पर प्रदेश सरकार का दाह संस्कार कर अपना रोष जाहिर किया।

चार साल बीत जाने के बावजूद जब प्रभावितों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उनका गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी खुलकर सामने आने लगा है। आपदा पीड़ित रीना रावत और गौरी मित्तल ने कहा कि चुनाव के दौरान कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल और सांसद अनिल बलूनी ने जोशीमठ की तर्ज पर मुआवजा और पुनर्वास दिलाने का वादा किया था, लेकिन आज तक प्रभावित परिवारो को सिर्फ आश्वासन ही मिले, प्रभावितों का कहना है कि वे सात मई से लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन न तो विधायक और न ही प्रशाषन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि उनकी समस्याएं सुनने पहुंचा। नाराज लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो इसका जवाब बीजेपी सरकार को 2027 के विधानसभा चुनाव में मिलेगा।

आपदा प्रभावित लोगों के इस आंदोलन को कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया, कॉंग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि यह सरकार गूंगी, बहरी और तानाशाह है । इसको न सुनाई देता है और न ही कुछ दिखाई देता है । अगर सरकार ने आपदा पीड़ितों की मांग नही मानी तो आंदोलन तेज किया जाएगा

कर्णप्रयाग में आपदा प्रभावितों का यह उबाल अब केवल पुनर्वास की मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गहरे असंतोष का रूप भी लेता दिख रहा है। चार साल से मुआवजे और सुरक्षित पुनर्वास की आस लगाए बैठे प्रभावितों ने साफ कर दिया है कि अब वे केवल आश्वासनों से नहीं मानेंगे। सरकार की शव यात्रा और संगम पर दाह संस्कार ने यह संदेश दे दिया है कि अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

इस अवसर पर पुष्कर रावत , सुधीर नेगी, कमला रतूड़ी, हरि राम, मनबर रावत, अजय किशोर भंडारी, लखपत सगोई, राम दयाल, कमला रतूड़ी, आदि मौजूद थे।

 

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