बहुगुणा नगर आपदा पीड़ितों की प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा, आपदा पीड़ितों ने भूख हड़ताल शुरू करने का किया ऐलान

कर्णप्रयाग
विस्थापन व मुआवजे की मांग को लेकर बीते कई दिनों सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे बहुगुणा नगर के आपदा पीड़ितों के साथ उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने आज एक बैठक की ,
बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रभावित लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी आपबीती सुनाई और विस्थापन व मुआवजे की मांग को रखा।
इस दौरान एसडीएम ने आपदा पीड़ितों से धरना प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की, लेकिन प्रभावित लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। आपदा पीड़ित व आईटीआई वार्ड से सभाषद कमला रतूड़ी का कहना है कि जब तक आपदा पीड़ितों का स्थायी विस्थापन और ठोस मुआवजा नहीं दिया गया, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। और कल से आंदोलन को तेज करते हुए कल से भूख हड़ताल शुरू की जायेगी । 

 

 

कर्णप्रयाग नगर पालिका के बहुगुणा नगर और सुभाषनगर के लोग बीते चार सालों से आपदा की मार झेल रहे है। सरकारों से गुहार लगाते लगाते आज तक प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता नही । वही बहुगुणा नगर क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य करने को लेकर जब कार्यदायी एजेंसी की मशीनरी मौके पर पहुची तो आपदा पीड़ितों का गुस्सा सातवे आसमान पहुच गया , और निर्माण कार्य करने पहुची मशीनरी को रोककर सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया , आज आंदोलन के पांचवे दिन उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौड़ियाल ने आपदा प्रभावितों को वार्ता के लिए तहशील में बुलाया । बैठक के दौरान प्रशासन और आपदा पीड़ितों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई भी सकारात्मक सहमति नहीं बन पाई। वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही।
बैठक के बाद आपदा पीड़ित पुष्कर रावत और संजय नौटियाल ने कहा कि यदि विस्थापन व मुआवजे को लेकर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो कल से आंदोलन को तेज किया जाएगा। बहुगुणा नगर में लगातार बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। वही उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौड़ियाल  ने कहा कि आपदा पीड़ितों के साथ वार्ता की जा रही है । धरना समाप्त किये जाने की बात की जा रही है । लेकिन आपदा पीड़ित मुआवजा व विस्थापन की मांग कर रहे है । उपजिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल ने कहा कि इसी आधार पर आगे रिपोर्ट भेजी जाएगी । इस अवसर पर पुष्कर रावत, कमला रतूड़ी, रीना रावत, संजय नौटियाल, सुभाष चमोली, महेश खण्डूडी, हरेंद्र बिष्ट, आदि मोजूद थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *