चमोली
बद्रीनाथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कर्णप्रयाग पुलिस एवं अर्निमा सोसाइटी ने संयुक्त रूप से एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत गौचर से कर्णप्रयाग के मध्य बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, अंधे मोड़ों और कम दृश्यता वाले स्थानों का निरीक्षण कर वहां रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए।
चारधाम यात्रा सीजन में बढ़ते यातायात दबाव के कारण इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन्हीं दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कर्णप्रयाग पुलिस और अर्निमा सोसाइटी के सदस्यों ने संयुक्त रूप से संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद ऐसे स्थानों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए, जो रात के अंधेरे, कोहरे, बारिश एवं अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में दूर से ही चमक कर वाहन चालकों को आगे आने वाले तीव्र मोड़ों, सड़क की दिशा में बदलाव और संभावित खतरों की समय रहते जानकारी देंगे।
अभियान में अर्निमा सोसाइटी के अंशुल भट्ट, नितीश रावत सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े इस जनहितकारी प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस और सामाजिक संगठन के संयुक्त प्रयास से संचालित यह अभियान समाज और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय तथा आपसी विश्वास का भी उदाहरण बनकर सामने आया है।
कर्णप्रयाग पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब सामाजिक संगठन और आमजन पुलिस के साथ मिलकर जनहित के कार्यों में सहभागी बनते हैं, तब ऐसे प्रयास अधिक प्रभावी और सफल साबित होते हैं।
यह पहल न केवल दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
