चमोली : कर्णप्रयाग में खूनी बवाल: मामूली कहासुनी के बाद सिक्खों ने धारदार हथियार से किया हमला, 5 घायल; गुस्साए लोगों ने बद्रीनाथ हाईवे पर लगाया पांच घंटे जाम, 4 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

कर्णप्रयाग

बद्रीनाथ हाइवे पर कर्णप्रयाग में आज मामूली सी कहासुनी ने बड़ा रूप ले लिया । जिसमे सिक्ख श्रद्धालुओं ने धारदार हथियार से हमला कर पांच लोगो को घयाल कर दिया । और मौके से फरार हो गए , सूचना मिलते ही पुलिस ने दो सिक्खों को मौके से पकड़ दिया और दो लोगो को गौचर में पकड़ा गया । इस दौरान युवाओं ने हाइवे को पांच घण्टे जाम रखा , बाद में डीएम और एसपी मौके पर पहुचे जिसके बाद स्थानीय युवा माने और जाम को अपराह्न दो बजे खोला गया । इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु भूखे प्यासे जाम में फंसे रहे । घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए प्रकाश रावत को एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर रेफर किया गया। वही पुलिस ने पीड़ित गजपाल भण्डारी की तहरीर पर पुलिस ने मनप्रीत सहित कुल चार सिक्खों के खिलाफ वीएनएस की धारा 109 के तहत मामला दर्ज कर लिया है

कर्णप्रयाग में बद्रीनाथ हाइवे पर पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई खूनी संघर्ष की घटना के बाद स्थानीय ब्यापरियो और युवाओं में उबाल आ गया , सुबह 9 बजे हुई मारपीट की घटना के बाद लोगो ने बद्रीनाथ हाइवे को पांच घण्टे तक जाम किया । बताया जा रहा है कि सिक्ख श्रद्धालुओं से मामूली सी बात को लेकर हुई कहासुनी मारपीट पर उतर गयी । घटना को अंजाम देने के बाद सिक्ख श्रद्धालु वहां से भाग गए , हांलांकि पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया है । ब्यापार संघ अध्यक्ष बीरेन्द्र मिंगवाल ने कहा कि यात्रा पर आने वाले जो सिक्ख श्रद्धालु है वे बिना हथियारों के ही यात्रा पर आने चहिये ।

कर्णप्रयाग में हुई मारपीट की घटना के बाद पंचपुलिया पर लोगो ने पांच घण्टे बाद जाम खोला , इस दौरान कई किलोमीटर लम्बा जाम लग गया । लोग भूखे प्यासे जाम में फंसे रहे । मगर प्रदर्शन कर रहे लोगो ने किसी की नही सुनी । मामले को बढ़ता देख डीएम और एसपी मौके पर पहुचे और लोगो से वार्ता की । जिलाधिकारी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी , किसी को भी कानून अपने हाथ मे लेने की जरूरत नही है। एसपी चमोली ने कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए सिक्खों को पकड़ दिया गया है । उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी , हाइवे को सुचारू कर दिया गया है ।
जाम में फंसे बद्रीनाथ की यात्रा पर जा रहे उमा शंकर ने कहा कि चार घण्टे से जाम में फंसे है जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्णप्रयाग में मारपीट की घटना से एक बार फिर यह सवाल खड़ा होता है कि आस्था और यात्रा के रास्ते पर हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। छोटी सी कहासुनी का हिंसक झड़प में बदलना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यात्रा की गरिमा पर भी सवाल खड़ा करता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यात्रा मार्गों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था, हथियारों की प्रभावी जांच और त्वरित पुलिस निगरानी जरूरी है। साथ ही यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को संयम और आपसी सम्मान बनाए रखना होगा। क्योंकि चारधाम यात्रा की पहचान श्रद्धा, शांति और सौहार्द से है, टकराव और हिंसा से नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *