ज्योतिर्मठ
भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को देशभर के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में भव्य ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत सामूहिक गायन का आयोजन किया गया है। ज्योतिर्मठ में भी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में राष्ट्रीय गीत बन्दे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया । सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माधव प्रसाद सेमवाल ( सलाहकार मुख्यमंत्री उत्तराखंड चारधाम / बीकेटीसी ) ने शिरकत कर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । इस दौरान माधव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि बन्दे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने पर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पच्चीस हजार स्थानों पर आज करीब एक करोड़ स्कूली बच्चो, आचार्यो, और अभिभावकों द्वारा राष्ट्रीय गीत बंदे मातरम गाया जा रहा है । माधव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि इस अभियान का मकसद देश की युवा पीढ़ी को वंदे मातरम के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान से रूबरू कराना है।
छात्रों को केवल गीत गाने तक सीमित न रखकर, इसके ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने का भी कार्य किया जा रहा है
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि सेवा सिंह ( प्रबन्धक गोविन्द घाट गुरुद्वारा कमेटी ) ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हमारे स्वाधीनता संग्राम का वह प्राणदायिनी महामंत्र है, जिसने देश के करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों के दिलों में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई थी। इस महान राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर भारतवासी का परम कर्तव्य है। हालांकि, देश की खूबसूरती इसकी विविधता और हमारे संविधान की मूल भावना में है। एक संवेदनशील लोकतंत्र में राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति आदर और सम्मान दिल से होना चाहिए, न कि जोर-जबरदस्ती या भय के माहौल में। हमें ऐसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना स्वाभाविक रूप से मजबूत हो सके।
इस अवसर पर शंभू प्रसाद चमोला प्रधानाचार्य , पूर्व धर्माधिकारी भुवन चन्द्र उनियाल ,आदि मौजूद थे।
