चमोली पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक बार फिर बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पिंडर नदी में कूदकर आत्मघाती कदम उठाने जा रही एक महिला को पुलिस ने समय रहते खोज निकालकर उसकी जान बचा ली।
मिली जानकारी के अनुसार थराली क्षेत्र की एक महिला 11 जून से बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। परिजनों ने 12 जून को इसकी सूचना थाना थराली पुलिस को दी। इसी दौरान महिला का व्हाट्सएप घर पर मौजूद एक मोबाइल फोन में लॉगिन होने के कारण ऐसे संदेश प्राप्त हुए, जिनमें महिला द्वारा नदी में कूदकर जान देने जैसी बातों का उल्लेख किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कर्णप्रयाग के प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई। एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला की सहायता से महिला की मोबाइल लोकेशन का लगातार ट्रैक किया गया। वहीं दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन, वाहनों की चेकिंग और नदी किनारों पर व्यापक तलाश अभियान में जुट गईं।
लगातार प्रयासों के बाद महिला की लोकेशन सिमली क्षेत्र के पड़ूली गांव के नीचे पिंडर नदी किनारे मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वहां महिला अकेली बैठी रो रही थी और गहरे मानसिक तनाव में दिखाई दी। स्थिति बेहद संवेदनशील थी और किसी भी समय अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी।
ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में पुलिसकर्मियों ने धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला से संवाद स्थापित किया। काफी देर तक उसे समझाया गया, उसका मनोबल बढ़ाया गया और भरोसा दिलाया गया कि उसकी हर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस की सकारात्मक काउंसलिंग और सतत प्रयासों का असर हुआ और महिला आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से पीछे हट गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर कोतवाली कर्णप्रयाग पहुंचाया। आवश्यक काउंसलिंग के बाद उसे थाना थराली पुलिस और परिजनों के सुपुर्द किया जा रहा है।
चमोली पुलिस की इस त्वरित, संवेदनशील और सराहनीय कार्रवाई से एक परिवार उजड़ने से बच गया और एक महिला को नया जीवन मिल सका।
इस अभियान में शामिल पुलिस टीम:
- वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी
- अपर उपनिरीक्षक हरेंद्र गुसांई
- कांस्टेबल मनवीर नेगी
- कांस्टेबल अवतार
- कांस्टेबल सुरेश
