एडीजी ए.पी. अंशुमान ने बद्रीनाथ–हेमकुंड साहिब रूट का किया स्थलीय निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं पर सख्त निर्देश

चमोली

आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए.पी. अंशुमान ने अपने चमोली दौरे के दूसरे दिन बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। पूरे दिन वे एक्शन मोड में नजर आए और यात्रा व्यवस्थाओं को धरातल पर परखा।
दौरे की शुरुआत ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई, जहां बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने शंकराचार्य की डोली और गरुड़ भगवान की मूर्ति को बद्रीनाथ धाम तक ले जाने की पारंपरिक प्रक्रिया की जानकारी भी ली।
इसके बाद एडीजी ने कोतवाली ज्योतिर्मठ का औचक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव पर संतोष जताते हुए लंबित माल मुकदमाती वाहनों के शीघ्र निस्तारण और फरियादियों के साथ सौम्य व्यवहार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “साफ वर्दी और विनम्र व्यवहार से ही पुलिस की सकारात्मक छवि बनती है।” साथ ही आपदा उपकरणों को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए।
एडीजी अंशुमान ने एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार के साथ ज्योतिर्मठ से बद्रीनाथ धाम तक यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख पड़ावों, पुलिस चौकियों और संवेदनशील स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। पांडुकेश्वर के पास रजिस्ट्रेशन चेकिंग प्वाइंट और हनुमानचट्टी चौकी में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बद्रीनाथ धाम पहुंचकर उन्होंने साकेत तिराहे से मंदिर परिसर तक चल रहे निर्माण कार्यों और मास्टर प्लान की प्रगति की समीक्षा की। मंदिर परिसर, भीड़ प्रबंधन और सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके बाद कोतवाली बद्रीनाथ में पुलिस जवानों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बीआरओ गेस्टहाउस में आयोजित बैठक में होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक में गैस और ईंधन आपूर्ति, पार्किंग की कमी और स्लाइडिंग जोन के कारण लगने वाले जाम की समस्या प्रमुखता से उठी। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा रोकने और होटल बुकिंग वाले यात्रियों को रात 11 बजे तक अनुमति देने का सुझाव भी दिया गया। एडीजी ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समाधान करने के निर्देश दिए।
यात्री सुविधाओं के तहत बद्रीनाथ और माणा क्षेत्र में पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एडीजी गोविंदघाट गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह से मुलाकात की। इस दौरान 23 मई से शुरू होने वाली हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों, पैदल मार्ग की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
दौरे के अंत में ज्योतिर्मठ में व्यापार संघ, टैक्सी यूनियन, होटल व्यवसायियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक मंथन किया गया। एडीजी अंशुमान ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवहारिक और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, आईटीबीपी के आईजी ए.एस. रावत सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।

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