चमोली : बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी पर बवाल: विधायक लखपत बुटोला मंदिर परिसर में मौन धरने पर बैठे, उच्चस्तरीय जांच की मांग

 

बद्रीनाथ

विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता (गड़बड़ी) के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले  लिया है। इस गंभीर प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग को लेकर बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक बुटोला ने बद्रीनाथ मंदिर परिसर में ही मौन व्रत रखते हुए धरना दिया, जिससे मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार में हड़कंप मच गया है।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस: विधायक बुटोला

धरने के दौरान अपनी बात रखते हुए विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि बद्रीनाथ धाम केवल उत्तराखंड की पहचान नहीं है, बल्कि यह देश के चार प्रमुख धामों में से एक है। यहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। उन्होंने साफ कहा, “यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों के विश्वास से जुड़ा विषय है। अगर मंदिर के गर्भगृह और चढ़ावे जैसे पवित्र मामलों में भी उंगलियां उठ रही हैं, तो सरकार को इसकी तुरंत निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।”

“आरोपियों को पद से हटाए सरकार”

विधायक लखपत बुटोला ने जांच की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर इस कथित घोटाले या गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, वे आज भी अपने ऊंचे पदों पर काबिज हैं। ऐसे में जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने मांग की कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित लोगों को पदों से दूर रखा जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।

“दोषी चाहे कोई भी हो, कार्रवाई ऐसी हो जो नजीर बने”

विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि जांच में यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ ऐसी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य के लिए एक नजीर (मिसाल) बने। किसी भी अन्य धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति (दौहराव) दोबारा कभी नहीं होनी चाहिए।

बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

मौन धरने के दौरान विधायक बुटोला ने प्रदेश की भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक मुद्दों पर राजनीति तो बहुत करती है, लेकिन जब मंदिरों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की बात आती है, तो वह पूरी तरह से असंवेदनशील और गंभीर नहीं दिखाई देती।

फिलहाल क्या है स्थिति?

आपको बता दें कि इस पूरे मामले की जांच फिलहाल मंदिर समिति द्वारा बनाई गयी एक टीम द्वारा की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक और पुख्ता सबूत मिलने तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। लेकिन विधायक के इस कदम ने मामले को पूरे प्रदेश में गरमा दिया है ।

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