सूचना विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। देहरादून चिड़ियाघर के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप मिश्रा ने एक दिवसीय कार्यशाला में कर्मचारियों को ट्रैंक्विलाइज़र गन के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग की बारीकियां सिखाईं।
प्रशिक्षण में वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से काबू करने (इमॉबिलाइज़ेशन), रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर फोकस किया गया। साथ ही कर्मचारियों को दवाइयों के सही इस्तेमाल, डोज़ कैलकुलेशन और फील्ड में अपनाई जाने वाली जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला के दौरान तेंदुआ, भालू जैसे खतरनाक वन्यजीवों के व्यवहार, पगमार्क की पहचान और संघर्ष की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों को आपातकालीन हालात में रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह, रेंज अधिकारी प्रदीप गौड़ समेत अन्य वन कर्मी मौजूद रहे।
मानव वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए वन विभाग को दी जा रही है ट्रेनिंग
