कर्णप्रयाग में 16 जून को निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुई तलवारबाजी और मारपीट की घटना को लेकर जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। शासन द्वारा मामले में पुलिस की भूमिका की जांच के लिए डीआईजी यशवन्त चौहान को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिसको लेकर डीआईजी यशवन्त चौहान आज कर्णप्रयाग पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इस दौरान स्थानीय व्यापारियों और प्रतिनिधियों ने डीआईजी से मुलाकात की । व्यापारियों ने क्रॉस एफआईआर को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसकी जांच हरिद्वार से हटाकर चमोली जिले के निष्पक्ष अधिकारियों को सौंपी जानी चाहिए, ताकि मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।
व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि यात्रा मार्ग पर हथियार लेकर आने वाले श्रद्धालुओं पर सख्त रोक लगाई जाए, क्योंकि ऐसे मामलों से स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक को उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग रखी। इस मामले को लेकर ब्यापारियों ने डीआईजी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भी भेजा । इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, अरविंद चौहान, राजेन्द्र नेगी, राजेश नेगी, अनिल खण्डूडी, व्यापार संघ महामंत्री कांति पुजारी, सुभाष रावत आदि मौजूद थे ।
