चमोली। सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब यात्रा का गुरुवार को धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ आगाज हो गया। गुरुद्वारा गोविंदघाट से पंच प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का पहला जत्था पावन निशान साहिब के साथ हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ। इस दौरान “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
23 मई को श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत खोल दिये जायँगे।
हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने से पूर्व आज बैंड-बाजों और अरदास के बीच रवाना हुए पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सिख परंपरा के अनुसार पंच प्यारे यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें सेवा, समर्पण और साहस का प्रतीक माना जाता है।
यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चमोली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है तथा पहले जत्थे के साथ विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला जत्था गुरुवार रात्रि घांघरिया स्थित गुरुद्वारे में विश्राम करेगा। इसके बाद शुक्रवार सुबह श्रद्धालु अंतिम पड़ाव हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होंगे।
परंपरा के अनुसार प्रथम जत्थे के पवित्र धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान और अरदास के साथ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आधिकारिक रूप से खोल दिए जाएंगे।
