चमोली
कोतवाली ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। घर से नाराज होकर निकला एक नाबालिग सैकड़ों किलोमीटर दूर ज्योतिर्मठ पहुंच गया, जिसे पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों से मिलवा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आर्मी जवान द्वारा कोतवाली ज्योतिर्मठ में सूचना दी गई कि लगभग 17 वर्षीय एक बालक संदिग्ध अवस्था में क्षेत्र में भटक रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बालक को सुरक्षा के दृष्टिगत कोतवाली लाकर पूछताछ की।
पूछताछ में बालक ने अपना निवास भुता, जनपद बरेली (उत्तर प्रदेश) बताया। उसने बताया कि हाईस्कूल में कम अंक आने पर पिता की डांट-फटकार से आहत होकर वह 24 अप्रैल 2026 की रात घर से बिना बताए निकल गया था। बालक ट्रेन के माध्यम से तड़के हरिद्वार पहुंचा और वहां से एक निजी वाहन के जरिए शाम को ज्योतिर्मठ आ गया।
इस दौरान संबंधित थाना भुता, बरेली में बालक की गुमशुदगी दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को मिली, जिसके बाद दोनों थानों के बीच समन्वय स्थापित किया गया।
ज्योतिर्मठ पुलिस ने बालक को समझाइश दी और उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। पिता को पुत्र के सकुशल होने की सूचना दी गई, जिसके बाद वे तुरंत ज्योतिर्मठ के लिए रवाना हुए।
पुलिस ने बालक को थाना परिसर में सुरक्षित रखा और उसे भोजन व रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई। अगले दिन परिजनों के पहुंचने पर बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह घटना पुलिस की मानवीय पहल और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
