कर्णप्रयाग
सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने और ब्लैकमेल करने वाले एक शातिर युवक को चमोली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी फर्जी आर्मी जवान बनकर युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाता था और बाद में उनकी निजी तस्वीरों व वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 17 अप्रैल 2026 को एक युवती ने कोतवाली कर्णप्रयाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी फेसबुक के माध्यम से रुड़की निवासी एक युवक से दोस्ती हुई थी। वर्ष 2025 में दोनों की मुलाकात रुड़की रेलवे स्टेशन पर हुई, जहां युवक ने अपना नाम कुलदीप भंडारी बताते हुए खुद को सेना में कार्यरत बताया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़िता ने अपनी निजी फोटो और वीडियो उसके साथ साझा कर दी। इसके बाद आरोपी ने इन फोटो बीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के चलते पीड़िता ने आरोपी के खाते में ₹1,00,000 ट्रांसफर कर दिए।
पीड़िता की शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कर्णप्रयाग कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 78(2), 308(4) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा और प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर रुड़की क्षेत्र के ढंडेरा से 18 अप्रैल 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलदीप भंडारी (22 वर्ष), पुत्र रमेश सिंह, निवासी ढंडेरा, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन (रेडमी नोट 13 प्रो) भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
चमोली पुलिस की अपील
चमोली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों से सतर्क रहें। किसी भी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और निजी फोटो या वीडियो साझा करने से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
