चमोली : नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग द्वारा 13 अप्रैल से आयोजित चार दिवसीय बिखोती कर्ण महोत्सव के तीसरे दिन आज अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग गोपेश्वर की आटागाड़ रेंज द्वारा वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया । रेंज अधिकारी आर0 के0 निराला ने बताया कि वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का उद्देश्य स्थानीय लोगों को वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
गोष्ठी में वन दरोगा सचिन सिलोड़ी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही क्षेत्र जल स्रोतों, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने बताया कि अनियंत्रित कटान, वनाग्नि और अतिक्रमण जैसी समस्याएं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं, जिनसे निपटने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
इस अवसर पर आटा गाड़ रेंज के कर्मचारियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को वनाग्नि से बचाव के उपाय, पौधरोपण के लाभ तथा वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। साथ ही, लोगों से अपील की गई कि वे वनों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से दूर रहें और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
गोष्ठी में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैसेट्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई ।
नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह ने कहा कि बिखोती कर्ण महोत्सव के तहत आयोजित इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से जहां एक ओर लोगों में पर्यावरण के प्रति लोगो मे समझ विकसित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सहभागिता भी मजबूत हो रही है। बिखोती कर्ण महोत्सव के अंतर्गत आज दिन में विभिन्न स्कूलो के स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा तो वही आज रात्रि जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण अपनी कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे ।
आटागाड़ रेंज की पहल: बिख़ौती कर्ण महोत्सव में वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी के माध्यम से दिया वनों और वन्य जीवों को बचाने का संदेश
