जंगलो को आग से बचाने को लेकर शनिवार को कर्णप्रयाग में वन विभाग के द्वारा जिलास्तरीय वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया , गोष्ठी में पहुचे वन पंचायत सरपंचों और विभागीय कमर्चारियों से केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दूबे ने कहा कि हम सभी को मिलकर जंगलो आग से बचाना है। जंगलो में आग लगने से न सिर्फ वन सम्पदा का नुकसान होता है बल्कि जीव जन्तुओं के आशियाने भी नष्ट होते है । वही गोष्ठी में पहुचे सरपंचों ने कहा कि सरपंचों द्वारा जंगलो की रक्षा की जाती है लेकिन हमे सरकार की ओर से कोई मानदेय नही मिल रहा है जिससे हम सभी लोग मायूस है । कार्यक्रम में पहुची महिला मंगल दल की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी ।
वनाग्नि की दृष्टि से प्रतिवर्ष 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो जाता है । जिसको लेकर वन विभाग में बैठकों और गोष्ठियों का दौर भी शुरू हो गया है। चमोली जिले के अंतर्गत केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग , बद्रीनाथ वन प्रभाग और नन्दादेवी बायोस्फियर रिजर्व पार्क के द्वारा कर्णप्रयाग में सँयुक्त रूप से एक जिलास्तरीय वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया ।गोष्ठी में पहुचे वन पंचायत सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश खण्डूडी ने कहा कि सरपंचो द्वारा वनाग्नि के दौरान आग बुझाने का कार्य किया जाता है । लेकिन सरकारों द्वारा हमारी उपेक्षा की जा रही है । सरपंचों को सरकार द्वारा कोई मानदेय नही दिया जा रहा है । जिससे सभी सरपंच नाराज और परेशान है । जल्द ही सरकार के खिलाफ जनआंदोलन शुरू किया जाएगा । वन पंचायत सरपंच संगठन चमोली के कोषाध्यक्ष मातवर सिंह रावत ने कहा कि यह सरकार सरपंचों और महिला मंगल दलों की उपेक्षा कर रही है । क्योंकि वनाग्नि के दौरान आग बुझाने में महिला मंगल दलों द्वारा हम सरपंचों की मदद की जाती है लेकिन उन्हें भी सरकार द्वारा कोई मदद नही दी जा रही है । कार्यक्रम में पहुचे मुख्य अतिथि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दूबे ने कहा कि जंगलो को आग से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है । अब गर्मी पड़ने लग गयी है जंगलो में वनाग्नि की घटनाएं भी शुरू हो गयी है उसके लिए भी हम सभी को तैयार रहना है । हमे ग्रामीणों के साथ मिलकर जंगलो को बचाना है । जंगलो में आग लगने से वन्य जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है । वही सम्पदा के नुकसान के साथ साथ पर्यावरण भी दूषित हो जाता है । इसलिए सभी कर्मचारियों और सरपंचों को जंगलो में की निगरानी करनी है । नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ अभिमन्यु ने कहा कि जंगलो को बचाने के लिए हमे स्थानीय जनता के साथ मिलकर वनो की रक्षा करनी है । वनों से हमे आक्सीजन के साथ साथ पानी , और कई अन्य जीवन उपयोगी चीजे मिलती है । इसलिए जंगलो की रक्षा के लिए हमे हर पल तैयार रहना होगा। कार्यक्रम के अंत मे बनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी में सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुति देने वाली महिलाओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसडीओ बद्रीनाथ विकास दरमोडा, लोहबा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़, धनपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवलकिशोर नेगी, वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी, वन दरोगा सचिन सिलोड़ी, वन दरोगा मोहन बिष्ट, वन दरोगा आरती पंवार, सरपंच लखपत सगोई, सरपंच बिनोद खण्डूडी, आदि मौजूद थे।
जंगलो को बचाने की मुहिम तेज, वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी में अहम चर्चा
