उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रो में साफ सफाई की ब्यवस्था जिम्मेदारी जिला पंचायत की होती है लेकिन चमोली जिले में स्वच्छता को लेकर जिला पंचायत कोई ध्यान नही दे रहा है । जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रो में जमा कूड़ा लोगो की मुसीबत बनता जा रहा है। कर्णप्रयाग के समीप देवतोली क्षेत्र में डिग्री कालेज गेट पर जमा कूड़ा छात्र छात्राओं और राजगीरों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। जिला पंचायत की इस नाकामी के देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष और छात्रों को ही कूड़ा साफ करना पड़ रहा है । उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड़ के निर्देश पर कर्णप्रयाग नगर पालिका से कूड़ा वाहन भेजा गया तब जाकर वहां जमा कूड़ा हटाया गया । ऐसे में बड़ा सवाल अब इस बात का है कि स्वछता के नाम पर जिला पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रुपया जो खर्च किया जा रहा है वह आखिर जा कहाँ रहा है । चमोली जिले के अंतर्गत पोखरी ब्लाक में कर्णप्रयाग के समीप देवतोली क्षेत्र में कॉलेज गेट के समीप सुरंग के पास शहीद द्वार पर लंबे समय से कूड़े का अंबार मचा हुआ है । छात्रों द्वारा कई बार इसके लिए प्रशाषन से पत्राचार और आंदोलन भी किये लेकिन आज तक कूड़े का स्थायी रूप से समाधान नही हो पाया है । जिसके चलते लोगो को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र छात्राओं का कहना है कि कूड़े के ढेर के पास अलकनंदा नदी भी बह रही है जिससे यहां का कूड़ा भी नदी में गिर रहा है। जिस स्थान पर कूड़े का ढेर है वहां पर शहीद का द्वार भी है ऐसे में शाषन प्रशाषन को इतना भी ध्यान नही है कि इस स्थान पर स्वच्छता का विशेष धयान रखा जाना चाहिए।
वही देवतोली के स्थानीय लोगो का कहना है कि चमोली का जिला पंचायत साफ सफाई को लेकर नाकाम साबित हो रहा है । ग्रामीण क्षेत्रो में साफ सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत की होती है लेकिन देवतोली क्षेत्र में जिला पंचायत की कोई ब्यवस्था न होने के कारण आखिर स्वच्छता के नाम पर खर्च किये जाने वाला बजट आखिर खर्च कहाँ हो रहा है।
यह क्षेत्र रानो जिला पंचायत में है ऐसे में अपने जिला पंचायत क्षेत्र में कूड़े के ढेर लगे होने की सूचना व जिला पंचायत की नाकामी को देखते हुए खुद इस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण खत्री कालेज के छात्रों के साथ मिलकर कूड़ा उठाने लगे , उन्होंने कहा कि यह बड़ी लापरवाही है । कि जिला पंचायत अपने कार्यों को नही कर पा रहा है । जल्दी ही सफाई ब्यवस्थाओ को लेकर जिला पंचायत द्वारा टेंडर जारी होने वाले है । फिर इसका स्थायी समाधान किया जाएगा ।
साफ सफाई की ब्यवस्था पर जब जिला पंचायत फेल हुआ तो छात्रों ने कमान संभाली , और जिला पंचायत सदस्य के साथ मैदान में उतरकर कूड़ा उठाना शुरू कर दिया। इस वक्त छात्रों के हाथों में झाड़ू नहीं, जिम्मेदारी थी—और इरादे साफ थे। और शंदेश दिया कि जब जिम्मेदार सोते रहे, तब युवाओं ने शहर को जगाया… अब सवाल सीधा सिस्ट्म से है कि आखिर कब तक जिम्मेदार लोगों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ेगा । इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण खत्री, सामाजिक कार्यकर्ता संजय लखेड़ा, छात्र संघ अध्यक्ष लक्ष्मण नेगी, अंशुल रावत, अंकित सिंह, आशीष रावत, आयुष कण्डारी, शुभम सिरस्वाल,रोहित बिष्ट आदि मौजूद थे ।
देवतोली में स्वच्छता को लेकर प्रशाषन हुआ नाकाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष और छात्रों ने खुद उठाया कूड़ा
