चमोली : उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट की अध्यक्षता में शनिवार को ग्वालदम स्थित समग्र ग्रामीण विकास समिति द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र (IRCA सेंटर) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में चिकित्सा अधीक्षक थराली के प्रतिनिधि डॉ. आशीष नौटियाल, डॉ. हेमचंद्र बिष्ट, बीसीएम सीएचसी थराली, सहायक समाज कल्याण अधिकारी राजेंद्र सिंह तथा राजस्व उप निरीक्षक ग्वालदम शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। केंद्र केवल दिसंबर 2025 तक संचालित पाया गया, लेकिन समिति द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। केंद्र में 15 स्टाफ सदस्यों का पंजीकरण दिखाया गया, जिनमें नर्स, डॉक्टर और योग प्रशिक्षक शामिल बताए गए, लेकिन किसी के पास भी वैध डिग्री या प्रमाण पत्र नहीं मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि एक डॉक्टर की डिग्री आंध्र प्रदेश में पंजीकृत थी, जिसे एडिट कर मनोज भट्ट के नाम से प्रस्तुत किया गया था। संबंधित व्यक्ति द्वारा ग्वालदम में बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध मेडिकल स्टोर भी संचालित किया जा रहा था। उसके पास केवल डी-फार्मा का डिप्लोमा है, जबकि मेडिकल स्टोर संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर नहीं पाया गया।
निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्र के ओपीडी कक्ष में आवश्यक उपकरण जैसे स्पेग्नोमीटर और वजन मशीन खराब हालत में मिले, जबकि अधिकांश दवाएं एक्सपायर पाई गईं। इसके अलावा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे भी निष्क्रिय अवस्था में पाए गए।
प्रशासन ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्वालदम नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण: फर्जी डिग्री, एक्सपायर दवाएं और अवैध संचालन का खुलासा
