कर्णप्रयाग पेट्रोल पंप पर दो दिनों बाद आया तेल, तेल भराने को लेकर लगी भारी भीड़

ईरान और अमेरिका महायुद्ध का असर भारत पर भी पड़ रहा है । रसोई गैस हो या पेट्रोलियम पदार्थ दोनों को लेकर किल्लत पड़नी शुरू हो गयी है। चमोली जिले के अंतर्गत कर्णप्रयाग पैट्रोल पम्प पर दो दिन बाद पेट्रोल आने के बाद पम्प पर सुबह से ही भारी भीड़ लगी रही , दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक अपने अपने वाहनों का टैंक फुल करने के लिए लाइन में लगे रहे ।
दो देशों के बीच आपसी लड़ाई की आंच अब भारत सहित विश्व के अनेक देशों पर भी पड़ने लगी है। ईरान पेट्रोलियम पदार्थ निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश है । अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से न सिर्फ ये दोनों देश बल्कि अन्य देशों पर भी इसका खासा असर पड़ता दिखाई देने लग गया है । उत्तराखंड के चमोली जिले में एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थो को लेकर भारी मारामारी पड़ी हुई है । कर्णप्रयाग के जीएमओ के पेट्रोल पंप पर दो दिनों से पेट्रोल समाप्त का बोर्ड लगा हुआ है । लेकिन आज सुबह जैसे ही पेट्रोल का टैंकर कर्णप्रयाग पहुचा वैसे ही पम्प पर तेल भराने वालो को लंबी लाइन लग गयी । लोगो का कहना है कि दो दिनों से तेल न मिलने पर पेटोल के इंतज़ार में वाहनों के पहिये जाम रहे । जिससे दिक्कतें होने लगी है । कर्णप्रयाग में जब दो दिनों बाद पेट्रोल का टैंकर पहुचा तो पम्प संचालक भी सुबह से पेट्रोल बांटने में लगे हुए है । कर्णप्रयाग में जीएमओ पेट्रोल पंप के मैनेजर सूरज रावत का कहना है कि रुड़की डिपो को डिमांड भेजे जाने के वावजूद समय पर तेल नही आ रहा है । आज दोनों बाद जब पेट्रोल आया तो सुबह से ही हम तेल बांटने में लगे हुए है । 8 हजार लीटर पेट्रोल और 4 हजार लीटर डीजल आने के बाद सभी लोगो को तेल बांट रहे है । लेकिन अब आगे के क्या स्थिति रहेगी यह बता पाना मुश्किल है ।
अमेरिका-ईरान युद्ध की आग अब भारत तक असर दिखाने लगी है। वैश्विक तेल सप्लाई चरमराने से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर तेल की किल्लत गहराती जा रही है। कहीं लंबी कतारें, तो कहीं पंप सूखे पड़े हैं—आम आदमी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ती कीमतों ने पहले ही जेब पर चोट की थी, अब सप्लाई संकट ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। सरकार स्थिति पर नजर बनाए होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीन पर हालात कब सामान्य होंगे यह बता पाना मुश्किल है।

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